Christmas Day 2022 : कैसे शुरू हुआ क्रिसमस का त्योहार? जानें इसका इतिहास और महत्व।
Christmas Day 2022: कैसे शुरू हुआ क्रिसमस का त्योहार? जानें इसका इतिहास और महत्व ।
Note|- सबसे नीचे कुछ क्रिसमस डे से जुड़े question answer दिए गए हैं। तो उन्हें अवश्य पढें।
Christmas Day 2022:
Christmas Day 2022:
इसाई समुदाय की मान्यताओं के अनुसार, प्रभु यीशु यानी जीसस क्राइस्ट का जन्म बैथलहम में मैरी और जोसेफ के घर हुआ था. सेक्सटस जूलियस अफ्रीकानस ने 221 ई. में पहली बार 25 दिसंबर को जीसस के बर्थडे के रूप में पहचाना था.
क्रिसमस ईसाई समुदाय का सबसे प्रमुख त्योहार है जो हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है. दुनिया के अधिकांश हिस्सों में इसे प्रभु यीशु के जन्मदिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है. यूरोपियन देशों में तो इस दिन कई लोग जुलूस भी निकालते हैं, जिसमें प्रभु यीशु की झांकियां प्रस्तुत की जाती है के जन्मदिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है. यूरोपियन देशों में तो इस दिन कई लोग जुलूस भी निकालते हैं, जिसमें प्रभु यीशु की झांकियां प्रस्तुत की जाती है।
ईसाइयों के पवित्र ग्रंथ बाइबिल में बताई गई मान्यताओं के अनुसार प्रभु यीशु का जन्म इजरायल के शहर बेथलेहेम में 4 ईसा पूर्व हुआ था। यीशु का ताल्लुक आरंभ से ही यहूदी धर्म से माना जाता है। उनके पिता का नाम यूसुफ और उनकी मां का नाम मरियम था। कहते हैं परमात्मा का संकेत पाकर यूसुफ ने मरियम से विवाह किया और फिर उनकी संतान हुई और उनका नाम यीशू पड़ गया। माना जाता है कि यीशू और उनके पिता पेशे से बढ़ई थे। बचपन से ही वे पिता के काम में उनका हाथ बंटाते थे। 30 वर्ष की आयु तक आते-आते उन्होंने मानवता के कल्याण के लिए काम करना शुरू कर दिया और फिर वह जगह-जगह जाकर लोगों को उपदेश देते थे। उनका ऐसा करना यहूदी धर्म के कट्टरपंथियों को अच्छा नहीं लगा और उनका विरोध किया जाने लगा।
फिर एक दिन उन्हें रोमन गर्वनर के सामने पेश किया और उसने उन्हें सूली पर चढ़ाने की सजा सुनाई। गुड फ्राइडे के दिन उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया। कहते हैं कि सूली पर चढ़ाए जाने के बाद ईश्वर के चमत्कार से यीशू फिर से जीवित हो गए और फिर उन्होंने ईसाई धर्म की स्थापना की।
कहते हैं कि पश्चिमी देशों ने चौथी शताब्दी के मध्य में 25 दिसंबर को क्रिसमस डे के रूप में मनाने की मान्यता दी। आधिकारिक तौर पर 1870 में, अमेरिका ने क्रिसमस के दिन फेडरेल हॉलिडे की घोषणा की।
हजारों वर्ष पहले उत्तरी यूरोप में क्रिसमस ट्री की शुरुआत हुई। उस वक्त फर नाम के पेड़ को सजाकर यह त्योहार मनाया जाता था। कई लोग चेरी के पेड़ की टहनियों को भी क्रिसमस के दौरान सजाते थे। लेकिन जो लोग क्रिसमस ट्री खरीदने में असमर्थ होते थे, वो लकड़ी को पिरामिड की शक्ल देकर क्रिसमस मनाते थे। लेकिन वक्त के साथ क्रिसमस ट्री का चलन बढ़ता गया। अब हर व्यक्ति क्रिसमस ट्री लाता है और उसे चॉकलेट्स, खिलौनों, लाइट्स और तोहफों से सजाता है। कहते हैं कि क्रिसमस ट्री पर घंटिया लगाने और उसे खूबसूरती के साथ सजाने से घर से बुरी शक्तियां दूर रहती हैं।
सांता क्लॉज़ के बारे में इतिहास history of Santa Claus in hindi:
क्रिसमस ट्री को तो जान लिया अब क्रिसमस में रही बात सांता क्लॉस की, की सांता क्लॉस कौन है?, सांता क्लॉस का क्रिसमस के साथ क्या कनेक्शन है?, सांता क्लॉस कहां रहते हैं?, सांता क्लॉस कैसे बनाते हैं? सांता क्लॉस का इतिहास क्या है? सांता क्लॉस को क्रिसमस के साथ क्यूँ जोड़ा जाता है? आदि इन सभी सवालों के बारे में जानते है.
सांता क्लॉस एक अमेरिका में रहने वाले साधु थे जो हर रोज बच्चों के लिए रात में गिफ्ट, चाॅकलेट आदि लेकर आते थे. उनका असली नाम निकोलस था उनका जन्म ईसा मसीह की मृत्यु के बाद हुआ था. सांता क्लॉस को मसीह के पिता भी कहा जाता है. लेकिन स्वाभाविक रूप से सांता क्लॉस और यीशु दोनों अलग-अलग मूल के थे.
सांता क्लॉस को क्रिसमस के साथ खासकर इसलिए जोड़ा जाता है क्योंकि सांता क्लॉस ईसाई धर्म के अनुयायी थे और वह इस धर्म के पादरी भी बने थे. बाकी इनका यीशु के साथ कोई संबंध नहीं था और हमें बाइबिल में भी इसका कोई उल्लेख देखने को नहीं मिलता है.
सांता क्लॉस बचपन से ही जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करना चाहते थे. इसलिए वे रोज बच्चों को कुछ न कुछ गिफ्ट दिया करते थे वे यह काम रात में किया करते थे क्योंकि वे दुनिया के शामने अपने पहचान चुपाना चाहते जिसकी वजह से वे चुपके उपहार देते थे. सांता क्लॉस बच्चों से बेहद ज्यादा प्रेम करते थे.
इस तरह सांता क्लॉस और क्रिसमस के बीच गहरा संबंध बनता गया. यही कारण है कि सांता क्लॉस का हर एक के प्रति इतना प्यार आज भी बना हुआ है और हर क्रिसमस डे पर उन्हें याद किया जाता है. बच्चे उन्हें सांता अंकल कहकर पुकारते हैं.
Christmas Day Festival history FAQ in hindi
Q.1 क्रिसमस क्यों मनाया जाता है?
Ans. क्रिसमस यीशु के जन्म दिवस को याद करने के लिए प्रति वर्ष 25 दिसंबर को मनाया जाता है.
Q.2 क्रिसमस डे का मतलब क्या होता है?
Ans. क्रिसमस डे का मतलब 'क्राइस्टस् मास' होता है और इसी मास में उस समय ईसा मसीह का जन्म हुआ था.
Q.3 25 दिसंबर को बड़ा दिन क्यों कहा जाता हैं?
Ans. क्रिसमस को हिंदी में संबोधित करने के लिए 25 दिसंबर को बड़ा दिन कहा जाता हैं.
Q.4 ईसाई धर्म का प्रमुख त्यौहार कौन सा है?
Ans. ईसाइयों का प्रमुख त्योहार क्रिसमस यानी कि क्रिसमस डे होता है.
Q.5 गर्मियों में क्रिसमस का पर्व कहां मनाया जाता है?
Ans. ऑस्ट्रेलिया में क्रिसमस त्योहार गर्मियों में मनाया जाता है.
Q.6. 25 दिसंबर को कौनसा दिवस मनाया जाता है?
Ans. 25 दिसंबर को ईसा मसीह का जन्म दिवस मनाया जाता है.
Q.7 ऑस्ट्रेलिया में क्रिसमस पर्व किस ऋतु में मनाया जाता है?
Ans. ऑस्ट्रेलिया में क्रिसमस पर्व शीत ऋतु में मनाया जाता है.
Q.8 क्रिसमस डे सर्वप्रथम कहाँ मनाया गया था?
Ans. रोम में.
Q 8 क्रिसमस डे कैसे मनाते हैं?
Ans. क्रिसमस ट्री को सजाकर, उपहारों का आदान-प्रदान कर क्रिसमस को मनाया जाता है.

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